धूल मुक्त शहर बनाने में असफ़ल हैं जगदलपुर के अब तक के महापौर -शिवसेना

 

 

 

 

 

जगदलपुर । नगर पालिका परिषद से नगर पालिक निगम बन चुके जगदलपुर को अब भी अपने धूल मुक्त होने का इंतज़ार है। इस शहर ने भाजपा और कांग्रेस दोनों बड़ी राजनैतिक पार्टियों को अवसर दिया अपनी स्तिथी सुधारने के लिए, परंतु दोनों पार्टियों के नेताओं ने सिर्फ अवसर का व्यक्तिगत लाभ उठाया जबकि उन्हें शहर के वास्तविक विकास व देखभाल पर ध्यान देना चाहिए था. ऐसा कहना है शिवसेना के युवा इकाई के प्रदेश सचिव अरुण पाण्डेय् का। उन्होंने शहर की बदहाल सड़क और उड़ती धूल की समस्या पर बात करते हुए कहा कि पिछले 10 वर्षों में जगदलपुर नगर पालिक निगम पर भाजपा के किरण देव और कांग्रेस के जतिन जायसवाल को महापौर की कुर्सी संभालने का अवसर जनता ने दिया था। लेकिन दोनों ने ही अपने शासन काल में जगदलपुर की जनता को धूल की समस्या से आज़ादी दिलाने कोई ठोस काम नही किया। जिसका नतीजा आज तक जगदलपुर की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

 

 

 

 

 

 

 

गौरतलब होकि वर्तमान में नया बस स्टैंड से जिला एवं सत्र न्यायालय मार्ग तथा वहां से गुरुगोविंद सिंह चौक तक, तथा दूसरी तरफ़ स्थानीय गीदम मार्ग पर आम नागरिकों का वाहन चलाना व पैदल आना जाना उड़ती धूल के कारण दूभर हो गया है।

 

 

 

 

 

उड़ती धूल की वजह से दु-पहिया वाहन के इस्तेमाल करने वालों व पैदल राहगीरों को यहां खासी परेशानी होती है, जैसे ही कोई बड़ी चार चक्का पार हो जाये उसके पीछे धूल का गुब्बार उड़ने लगता है और सभी लोग सड़क पर उस धूल से सन जाते हैं।

 

 

 

 

 

शिवसेना के युवा इकाई के सचिव अरूण पाण्डेय् का कहना हैकि भाजपा के किरण देव जब शहर के महापौर बने थे तब आम नागरिकों को उनसे काफ़ी उम्मीदे थी, लेकिन वे ख़ास प्रदर्शन करके नही दिखा पाए, उल्टा ऐतिहासिक दलपत सागर में जलकुंभियों को ख़त्म करने के लिए मछली पालन की उनकी योजना ने उनके कार्यकाल पर हमेशा के लिए एक सवालिया निशान जरूर लगा दिया है। इधर कांग्रेस के जतिन जायसवाल को उनके बाद शहर की आम नागरिकों ने अवसर दिया जिन्होंने धूल साफ़ करने करोड़ो की मशीन मंगवाई जो कि आज तक उपयोग में नही लाई गई और जिसकारण उमके कार्यकाल में निगम प्रशासन द्वारा सफ़ेद हाथी पालने का आरोप भी लगा है।

 

 

 

 

 

 

 

इस तरह पिछले 10 वर्षों में दोनों बड़ी राजनैतिक दलों को जगदलपुर की आम जनता ने महापौर की कुर्सी संभालने का अवसर दिया। जिस जिम्मेदारी को संभालते हुए दोनों ही दल के नेताओं ने सार्वजनिक क्षेत्र की समस्याओं पर कम ही ध्यान दिया और केवल 5 – 5 वर्ष तक कुर्सी पर बैठकर उसका आनंद ही लेते रहे, शहर की आम जनता आज भी धूल के उड़ते अंबार से त्रस्त ही है। शिवसेना ने तंज़ कसते कहा कि बस स्टैंड की तरफ जाने वाली सड़क हो या गीदम मार्ग की सड़क उस उड़ते धूल को भाजपा और कांग्रेस की समर्थक जनता जिनके मतदान से ही उन्हें कुर्सी हासिल हुई थी उनको भी सहना उनकी मज़बूरी बन चुकी है।

 

 

 

 

 

शिवसेना ने वर्तमान की नगरीय निकाय के नेताओं से अनुरोध किया हैकि सड़क पर फैली धूल को ठीक तरह से साफ़ करवाये, साथ ही स्थाई रूप से अन्य कोई ऐसी व्यवस्था करें जिससे कि सड़क पर धूल ना उड़े और अगर वे ऐसा नही करते हैं तब शहर की आम जनता को धूल से आज़ादी दिलाने के लिए शिवसैनिक सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करने बाध्य होंगे।

Related posts

Leave a Comment