सावधान .. मास्क की आड़ में निगम कर्मी बता कर महिलाओं द्वारा अवैध वसूली

रायपुर कोरोना काल बहुत से क्षेत्र में कमाई का सुनहरा अवसर लेकर आया है इस दौड़ में निगम कर्मचारियों की भी चांदी कट रही है वह इसलिए की मास्क,गमछा,रुमाल यदि नीचे हो जाए या गमछा चेहरे से गिर जाए इस को लेकर कुछ महिला गिरोह जो स्वयं को निगम कर्मचारी बताती है वे किसी भी मास्क धारक व्यक्ति को रोक कर प्रति व्यक्ति पचास रुपये के हिसाब से रसीद काटने की बात कहतीं है तथा पैसे न होने की स्थिति और कोरोना काल की इस विकट परिस्थिति में आर्थिक तंगी से जूझ रहे लोगो के पास यदि पचास रुपये भी नही होता तो उनसे बीस तीस रुपये लेकर बगैर रसीद काटे छोड़ा जा रहा है

 

जबकि अनेक राहगीरों ने सन्देह व्यक्त किया है कि जो महिलाएं पचास रुपये का चालानी रसीद काट रहे है उनके पास निगम का कोई आई डी कार्ड अथवा इनके साथ कोई भी जिम्मेदार निगम अधिकारी कर्मचारी नही होता जो इनके कार्यशैली की पुष्टि करते हो ये तथा कथित निगम कर्मचारी महिलाएं आपने साथ लट्ठ इत्यादि भी रख कर अनेक लोगों से दुर्व्यवहार करने की घटना भी सामने आ चुकी है संजय नगर ओवर ब्रिज के नीचे बलात अवैध रूप से पचास रुपये मांगे जाने पर गाड़ी चालक द्वारा अपनी गाड़ी उनके हवाले कर दिया उसके कुछ क्षण पश्चात सभी महिलाएं वहां से नौ दो ग्यारह हो गई आशंका व्यक्त की जा रही है कि ये या तो ये सड़क सफाई कर्मी होगी या फिर कोई गिरोह फर्जी रसीद बना कर आम लोगों से वसूली कार्य मे संलग्न है

 

 

जो पड़ताल का विषय हो सकता है क्योंकि आम जनता का मत है कि मास्क गमछा,रुमाल इत्यादि मुंह से गिरने पर महिलाओं द्वारा राहगीरों से बलात पैसा वसूलना और किसी राहगीर द्वारा पैसे न देने पर लठ्ठ भांजना सीधे सीधे आम जनता के साथ लूट का प्रकरण बनता है ऐसी अधिकांश घटना संजय नगर ओवर ब्रिज के नीचे,गांव से सटे इलाके के आउटर क्षेत्र में ग्रुप में महिलाओं को देखा जा सकता है जो सीधे सीधे ग्रामीण क्षेत्र के आम राहगीरों से बगैर रसीद दिए अवैध वसूली करते नज़र आ जाएंगे यह कृत्य केवल प्रातःकाल आठ से दस बजे तक दिख जाएग बाकी समय ये कहीं भी नज़र नही आते उल्लेखनीय है कि राजधानी रायपुर सहित लगभग प्रदेश के सभी नागरिक कोरोना संक्रमण को लेकर जागरूक हो चुके है

 

 

तथा 95 प्रतिशत जनता मास्क गमछा अथवा रुमाल से फेस कवर कर रहे है परन्तु कभी कभी मास्क हट जाने या गमछा रुमाल के गिरने पर इस प्रकार की बलात चमका धमका कर अवैध वसूली करना आम जनता के साथ लूट की श्रेणी में आता है जबकि ऐसी महिलाओं के पास किसी प्रकार का पहचान पत्र भी नही होता ? इस वसूली अभियान को लेकर निगम के वरिष्ठ अधिकारी जिला कलेक्टर एवं महापौर एजाज़ ढेबर को संज्ञान में लेकर वस्तुस्थिति स्पष्ट करना चाहिए

 

 

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