देशबंधु स्कूल नही वसूलेगा पालको से फीस, बैठक मे लिया निर्णय

रायपूर। प्रायवेट स्कूलों के द्वारा छत्तीसगढ़ में नए कानून आने के पश्चात् भी मनमानी फीस वसूला जा रहा है जिसको को लेकर छत्तीसगढ़ पैरेंट्स एसोसियेशन के द्वारा शिक्षा मंत्री और शिक्षा सचिव को पत्र भी लिखकर तत्काल फीस पर रोक लगाने की मांग भी किया गया है और पिछले दिनों एसोसियेशन का एक प्रतिनिधि मंडल कलेक्टर रायपूर से मिलकर रायपूर जिले में संचालित प्रायवेट स्कूलों को फीस लेने से रोकने की मांग किया गया था लेकिन रायपूर जिले के प्रायवेट स्कूलों ने इस कानून को ताक पर रखकर पालको से फीस वसूला जा रहा है जिसको लेकर शुक्रवार को देशबंधु हा. से. स्कूल में पालको और स्कूल प्रशासन के बीच बैठक रखी गई थी जिसमे पैरेंट्स एसोसियेशन और प्रायवेट स्कूल एसोसियेशन के पदाधिकारी भी उपस्थित थे जिसमें यह सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि

अब छत्तीसगढ राज्य में एक अधिनियम लागू हो चूका है जिसके प्रावधानों के अनुसार फीस का निर्धारण किया जाना है इसलिए जब तक इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार समितियों का गठन नही हो जाता और जब तक इन समितियों के द्वारा फीस का निर्धारण नही किया जाता तब तक देशबंधु स्कूल के द्वारा पालको से फीस नही वसूलेगा।

पैरेंट्स एसोसियेशन के रायपूर जिला सचिव पनेश द्विवेदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ अशासकीय विद्यालय फीस विनियमन अधिनियम 2020 अब 28 सिंतबर 2020 से प्रभावशील हो गया है और इस अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रायवेट स्कूलों में फीस का निर्धारण अब विद्यालय फीस समिति करेगी। अधिनियम की धारा 10 की उपधारा 1 एंव 7 में यह स्पष्ट उल्लेख है कि इस अधिनियम के प्रारंभ होने के पूर्व से संचालित प्रायवेट विद्यालय एक माह के भीतर फीस अनुमोदन हेतु प्रस्ताव विद्यालय फीस समिति के समक्ष प्रस्तुत करेगी और विद्यालय फीस समिति प्रस्ताव प्राप्त होने के पश्चात एक माह के भीतर सभी दस्तावजो और अभिलेखों का परिक्षण करने और सभी अभ्यावेदनो पर विचार करने पश्चात और स्कूलों द्वारा दी जा रही सुविधाओ के अनुसार फीस निर्धारित करेगी।

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