मुख्यमंत्री-गृह मंत्री सख़्ती से नकेल कसें और ज़वाबदेही तय कर पुलिस प्रशासन की सर्जरी करके नागरिक सुरक्षा व क़ानून-व्यवस्था बहाल करें

रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने मंगलवार को आदिवासी बाहुल सरगुजा संभाग के बलरामपुर ज़िले में एक बार फिर दुष्कर्म व सामूहिक दुष्कर्म समेत प्रदेश के विभिन्न स्थानों पर चाकूबाजी व हिंसक वारदातों के सामने आए मामलों को लेकर प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रदेश में लगातार महिलाओं की असुरक्षा, अत्याचार, शोषण और बलात्कार के बढ़ते मामलों के साथ आम जनता की ज़िंदग़ी भी संकट में नजर आ रही हैं। प्रदेश में लगातार बढ़ते आपराधिक घटनाओं से जहां पूरे प्रदेश में डर भय व असुरक्षा का वातावरण निर्मित हो रहा हैं वहीं प्रदेश सरकार व कांग्रेस के लोग छत्तीसगढ़ के हालात की परवाह करना छोड़ हाथरस को लेकर अपनी चयनात्मक राजनीति में राजनीतिक रोटी सेकने का प्रयास कर रहे हैं। महिला सुरक्षा और बलात्कार जैसे विषय में राजनीति करना वो भी चयनात्मक राजनीति करना शर्मनाक हैं इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम हैं।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि प्रदेश में लगातार दुष्कर्म के बढ़ रहे मामलों ने प्रदेश सरकार की महिला सुरक्षा के दावों और संवेदनशीलता पर ही प्रश्न खड़ा कर दिया हैं कोई सरकार इतनी असंवेदनशील कैसे हो सकती हैं? प्रदेश में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति दिनो-दिन चौपट होती जा रही है, प्रदेश में अपराधियों के राज होने जैसे हालात निर्मित हो रहे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू सहित कांग्रेस के नेता चयनात्मक दृष्टिकोण से बाहर नहीं आ रहे हैं और इसी लिए प्रदेश की बिगड़ती हालात पर कहीं कोई गंभीरता भी नहीं दिखा रहे हैं। साय ने कहा कि महिलाओं की रक्षा करने और बलात्कार जैसे घृणित अपराधों को रोकने में राज्य सरकार की विफलता यह बताती है कि बिगड़ते हालात और पुलिस प्रशासन पर उसका कोई नियंत्रण नहीं रह गया है। हाल ही में सरगुजा के बलरामपुर में पिछले 05 दिनों में बलात्कार की तीन शर्मनाक वारदातें सामने आने के बाद भी प्रदेश सरकार और उसका गृह मंत्रालय हाथ-पर-हाथ धरे बैठा है। साय ने सवाल किया कि हाथरस की घटना को लेकर अपने प्रलाप का शोर मचाती प्रदेश कांग्रेस और सरकार लगातार दुष्कर्म की वारदातों को लेकर चुप्पी साधे क्यों बैठी है? आख़िर प्रदेश सरकार एक्शन मोड में आने के लिए और कितनी ज़िंदगियाँ दाँव पर लगाएगी?

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि लगातार बढ़ रहे अपराधों से प्रतीत हो रहा है कि प्रदेश का पुलिस प्रशासन भी बेकाबू हो चला है। जिस प्रदेश में हफ़्तों-महीनों पुलिस बलात्कार के मामलों में एफआईआर दर्ज करने में ना-नुकुर कर रही है, जिस प्रदेश में पुलिस बलात्कार के आरोपियों को बचाने के लिए रिश्वत वसूल रही है, उस प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के तमाम सरकारी दावे खोखले सिद्ध हो रहे हैं। साय ने कहा कि मुख्यमंत्री और गृह मंत्री चुप्पी साधे बैठे रहने के बजाय इन मामलों को लेकर पुलिस प्रशासन पर सख़्ती से नकेल कसें और सबकी ज़वाबदेही तय कर पूरे पुलिस प्रशासन की सर्जरी करके प्रदेश में नागरिक सुरक्षा व क़ानून-व्यवस्था का राज बहाल करें। साय ने कहा कि प्रदेश सरकार राजनीतिक प्रतिशोध के अपने एजेंडे के लिए पुलिस प्रशासन के इस्तेमाल की मानसिकता से परे होकर पुलिस तंत्र को जन-सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध बनाए और इसके लिए आवश्यक हो तो ऊपर से लेकर नीचे तक पुलिस प्रशासन में फेरबदल करे और बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाए। साय ने कहा कि बलात्कार और हिंसक हमलों, मारपीट व हत्याओं की लगातार बढ़ती वारदातों से प्रदेश अब अपराधगढ़ बनता जा रहा है।

 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय ने कहा कि राजधानी के जयस्तंभ चौक पर सरेआम एक कार सवार युवक पर चाकू से किया गया प्राणघातक हमला हो या धरसीवाँ में दो गुटों में हुई मारपीट की वारदात हो, या फिर महिलाओं के साथ अनाचार की बढ़ती वारदातें हों, प्रदेश सरकार इन तमाम मामलों में सबकी ज़वाबदेही सुनिश्चित कर अब तुरंत एक्शन मोड में आए। श्री साय ने कहा कि दरअसल कांग्रेस की सरकार आते ही प्रदेश में अपराधी राजनीतिक संरक्षण पाकर अपना समानांतर आतंकराज चला रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न इलाकों में अपराधियों को बचाने में सत्तारूढ़ दल के नेता जिस तरह सक्रिय हो जाते हैं, उसने छत्तीसगढ़ जैसे शांत और सुरक्षित प्रदेश में माफियाओं व गुंडे-बदमाशों की दहशतगर्दी का माहौल बना रखा है। प्रदेश सरकार को इस पर भी नकेल कसने की ज़रूरत है।

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