केंद्र सरकार ने मई 2020 में हवाई यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास की सीटों की लोअर फेयर लिमिट तय की थी उसमें अब बदलाव करने की घोषणा की है

आने वाले त्याहारों में हवाई सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है. केंद्र सरकार ने मई 2020 में हवाई यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास की सीटों की लोअर फेयर लिमिट तय की थी उसमें अब बदलाव करने की घोषणा की है दरअसल, केंद्र ने मई 2020 में हवाई यात्रा के लिए इकोनॉमी क्लास की सीटों की लोअर फेयर लिमिट तय की थी.

 

 

अब नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने प्रीमियम इकोनॉमी क्लास सीटों के लिए भी लोअर फेयर लिमिट को लागू करने का फैसला किया है. लेकिन प्रीमियम इकोनॉमी क्‍लास की सीट्स पर लागू नहीं होगी ये अपर फेयर लिमिट.

 

विस्‍तारा के पास हैं प्रीमियम इकोनॉमी क्‍लास सीट

 

इंडियन एयरलाइंस कंपनियों में विस्तारा की फ्लाइट्स में प्रीमियम इकोनॉमी क्लास सीट्स हैं. मंत्रालय ने 21 मई के आदेश में बदलाव करते हुए कहा है कि लोअर फेयर बैंड प्रीमियम इकोनॉमी क्लास की सीटों पर लागू होगा. हवाई किराये के सात बैंड में पहला बैंड उन फ्लाइट्स के लिए है,

 

 

जिनकी अवधि 40 मिनट से कम है. दूसरे, तीसरे, चौथे बैंड में 40-60 मिनट, 60-90 मिनट, 90-120 मिनट और 120-150 मिनट वाली फ्लाइट्स शामिल हैं. वहीं, छठें और सातवें बैंड में 150-180 तथा 180-210 मिनट की फ्लाइट ड्यूरेशन को रखा गया है.

 

 

 

40 फीसदी सीटें लोअर-अपर फेयर के बीच के अमाउंट से कम पर बेचनी होंगी

 

 

आदेश के मुताबिक, इन हवाई किरायों में यूडीएफ (UDF), पीएसएफ (PSF) और जीएसटी (GST) शामिल नहीं है. मंत्रालय ने मई 2020 में ही स्पष्ट कर दिया था कि हर एयरलाइन कंपनी को लोअर एयर फेयर 3,500 और अपर एयर फेयर 10,000 रुपये के बीच का स्तर 6,700 रुपये है. इसलिए उस एयरलाइंस को 40 फीसदी सीटें 6,700 रुपये से कम के किराये पर बेचनी होंगी.

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