नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने उठाया सवाल,नक्सलवाद के नाम पर प्रदेश की सरकार मौन

 

नक्सलियों के सामने प्रदेश सरकार ने कर दिया है आत्मसमर्पणःकौशिक

जगदलपुर। नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने कहा कि बस्तर में लगातार हो रही नक्सली हमलों के बीच एक सवाल उठता है कि प्रदेश की सरकार ने कहीं नक्सलियों के सामने आत्मसमर्पण तो नही कर दिया है,और नक्सलवाद के नाम पर कहीं राजनैतिक हत्याए तो नही की जा रही हैं। इस पूरे मसले पर प्रदेश की सरकार से लेकर स्थानीय प्रशासन मौन है। बस्तर में, के बीजापुर में, जिले सरकारी आकड़ें ,केवल 2 दर्जन के करीब लोगों की हत्या, नक्सली वारदात की बात कही जा रही है।लेकिन तीन महीने में हर दिन एक व्यक्ति की हत्या नक्सलियों ने की है। औसतन हर दिन एक व्यक्ति की हत्या हो रही है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के मुद्दे पर सरकार का कोई भी जिम्मदार व्यक्ति जबाव नही देता है, न ही इस पर चर्चा हो रही है। लेकिन इस मुद्दे पर कांग्रेस इतिहास के आकड़ों की बात कर रही है। कांग्रेस वर्तमान में कुछ भी नही कर रही है ,केवल पुराने आकड़ों पर भ्रम फैलाने का काम कर रही है। नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि भय के कारण ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाला आम नागरिक कुछ नही बोल रहा है ,न कुछ ही बता रहा है। स्थिति बेहद ही चिंता जनक है। नक्सली बस्तर में सड़क की ओर कूच कर चुके हैं। संभाग मुख्यालय से कुछ दूरी पर बैनर लगाकर नक्सलियों ने अपने मनोबल को दिखा दिया है। हम लगातार बड़ी संख्या में अपने कार्यकर्ताओं को नक्सल हिंसा में खोये हैं।

उन्होंने कहा कि अब बस्तर में जन अदालत आम हो चुकी है।बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं। प्रदेश सरकार की कहीं भी कोई चिंतायें नही हैं। एक समय हम बस्तर में विकास के बुनियादी जरूरत के साथ बस्तर से नक्सली समस्या को खत्म करना चाहते थे। इस दिशा में हमने कई महत्वपूर्ण कार्य किये हैं। स्कूल से लेकर कई विद्यालय और महाविद्यालय की स्थापना हमारी सरकार ने की थी। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा के साथ ही बुनियादी सुविधा को बेहतर किया था। नक्सलवाद पर अंकुश लगाने के साथ ही नक्सलवाद के प्रति आम लोगों का भय भी खत्म हो रहा था, लेकिन फिर कांग्रेस की सरकार जब से आयी है ,तब से नक्सली फिर से सक्रिय हुए हैं। हमने विकास की गति को, प्रगति देने के लिये नये जिले बनाये, जिससे हम विकास की मुख्याधारा से जोड़ने में सफल हुए थे।उन्होंने कहा कि प्रदेश की सरकार को संवेदनशीलता से नक्सलवाद के खात्मे के लिये काम करना चाहिये। नक्सलवाद को राजनैतिक तौर पर देखने से बचना चाहिये। हमारी जब प्रदेश में सरकार थी सबकी सुरक्षा हमारी प्रथामिकता में थी ,लेकिन कांग्रेस की सरकार इस मुद्दे पर केवल अपनों की चिंता कर ही है।हमने सबको सुरक्षा दिया था, जो नक्सलियों के निशाने पर थे । इस सरकार ने बदले की भावना से हमारे पार्टी के कई लोगों की सुरक्षा हटा दी है। जो चिंता जनक है

नेता प्रतिपक्ष कौशिक ने कहा कि बस्तर मे लगातार नक्सली गतिविधियां तेज हैं पर इस मसले को लेकर मुख्यमंत्री और गृहमंत्री के पास समीक्षा करने को समय भी नही है कि, आखिरकार हालात से कैसे निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि देश में सभी जगह बेटियों का एक जैसा ही सम्मान होना चाहिये। बेटियों की पीड़ा को राज्यवार नही देखा जाना चाहिये। बस्तर के केशकाल में हुए अनाचार की घटना पर दुख जताते कहा कि ,यहां बेटियों की सुरक्षा को लेकर प्रदेश सरकार की कोई ठोस योजना नही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में धान की खरीदी एक नवम्बर से किया जाना चाहिये इसके साथ ही किसानों को एक मुश्त बोनस मिलना चाहिये।किसानों के खेती के रकबे में कटौती नही की जानी चाहिये।इस मौके पर प्रदेश महामंत्री किरण देव, प्रदेश उपाध्यक्ष लता उसेंडी प्रदेश, कार्यसमिति सदस्य डॉ सुभाउ कश्यप एवं पूर्व मंत्री महेश गागड़ा, बस्तर जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी, महामंत्री रामाश्रय सिंह, जिला मंत्री वेद प्रकाश पांडे, नेता प्रतिपक्ष संजय पांडे, नगर अध्यक्ष राजेन्द्र बाजपाई, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य द्वय संग्राम सिंह राणा ,रजनीश पाणिग्रही उपस्थित थे।

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