बस्तर के एयरपोर्ट से हवाई यात्रा अनुबंधित कम्पनी द्वारा 15 दिनों में स्थानीय बेरोजगारों की भर्ती प्रारम्भ नहीं हुआ तो आंदोलन-मुक्तिमोर्चा

आर सी एस योजनाओं के तहत 5 कम्पनियों को 128 स्थानीय रूटों पर उड़ान भरने हेतु अनुबंधित किया गया है।-मुक्तिमोर्चा

आर सी एस योजनाओं की स्थानीय रोजगार अवसर अनिवार्यता शर्त का पालन कम्पनी से करवाये राज्य सरकार व बस्तर प्रशासन-मुक्तिमोर्चा

बस्तर के अधिकार की राशि DMFफंड से बने एयरपोर्ट में उतपन्न रोजगार में बस्तर के बेरोजगारो का हक-मुक्तिमोर्चा

जगदलपुर ।बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा के संभागीय सयोजक नवनीत चाँद ने बयान जारी करते हुए कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों के साथ मिलकर राज्य के छोटे शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने की योजनाओं के तहत 2016 में आर सी एस योजना को प्रारम्भ किया गया है जिसका उद्देश्य “उड़ सके देश का हर नागरिक रखा” गया है । इस योजना के तहत केंद्र व राज्य सरकारों के द्वारा सयुक्त रूप से राज्य के अंदर छोटे शहरों में एयरपोर्ट के माध्यम से देश के बड़े एयरपोर्ट को जोड़ने की मुहिम चलाई गई है जिसके तहत देश का हर नागरिक कम लागत में अपने घर पहुंच सके जिसके तहत उड्डयन मंत्रालय द्वारा 5 कम्पनियों को इस योजना में शामिल कर देश के 128 नए स्थानीय छोटे शहरों के रूटों में हवाई यात्रा प्रारम्भ करने की इजाजत दी गई है। वहीं कम्पनियों के द्वारा यात्रा में खाली सीटों के नुकसान भरपाई योजनाओं के तहत सरकारो के द्वारा करने की बात उलेखित है। केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा संचालित इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य स्थानीय स्तर पर व्यपार व रोजगार के अवसर उत्पन्न करने का भी है। इसी तारतम्य में बस्तर संभाग के एक मात्र एयरपोर्ट को बस्तर के अधिकार राशि DMF योजनाओं के तहत उड्डयन मंत्रालय के नियमो व शर्तों के आधार पर तैयार किया गया है इस योजनाओं के तहत एयर उड़ीसा ने कुछ उड़ाने भरी और बन्द हो गई अब सरकारी कम्पनी एयर इंडिया ने विगत 21 सितंबर से बस्तर से उड़ाने भरनी प्रारम्भ कर दी है। आप को विदित हो कि इन कम्पनियो का अनुबंध राज्य सरकारों से विगत 6 माह पूर्व किया जा चुका है। फिर इन कम्पनियों द्वारा योजना के मूल सार शर्त स्तानीय स्तर पर रोजगार देने हेतु अपनी प्रतिबद्धता जाहिर नही है। वर्तमान में जो कर्मी एयरपोर्ट में कम्पनी की सेवाएं दे रहे है। वे सब बस्तर के बाहर से लाकर नियुक्त किये गए हैं। जिसका विरोध कई माह से बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा द्वारा किया जा रहा है। इस सम्बंध में मुक्तिमोर्चा द्वारा कम्पनी को मेल कर शर्तो को पूरा करने की मांग भी की गई है। वहीं स्थानीय प्रशासन को भी मांगो से अवगत करवाया गया है पर आज पर्यन्त तक केंद्र सरकार व राज्य सरकार व बस्तर प्रशासन द्वारा संचालित कम्पनी से अनुबधित शर्तो के तहत स्थानीय स्तर पर बेरोजगारो की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ हेतु कोई पहल नही किया गया है। बस्तर के अधिकार व हितो के खिलाफ है। जिसका समस्त बस्तरवासी विरोध करते हैं यदि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रशासन ने पहल कर कम्पनी से स्थानीय स्तर पर बेरोजगारो की भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ नही करवाई तो बस्तर अधिकार मुक्तिमोर्चा आन्दोलन करने हेतु बाध्य होगा ,कोरोना कॉल में बस्तर के हितों से खिलवाड़ 144व 188 लगा कर नही करने दिया जाएगा। यह सुन ले सरकार।

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